Thursday, 2 December 2021

पर्वत उड़ना।

पुत्री बलात्कर।

ब्रह्माने खुदकी बेटी पर बलात्कार करने के प्रमाण अलग-अलग ग्रंथो से
Jun 18 2021

बहोत सारे हिंदुत्ववादी ब्रह्माने खुदकी बेटी पर बलात्कार करने कि बात को नकारता है उनके समाधान के लिए ये लेख है. 

ऋग्वेद
ऋग्वेद के अनुसार  

अपनी सुंदरी कन्या उषा के शरीर में ब्रह्मा व प्रजापति ने उस वीर्य का सेक किया।जिस समय पिता युवती कन्या के ऊपर रातिकामी हुआ aur दोनो का समागम हुआ । और जिस समय पिता ने अपनी कन्या उषा के साथ संभोग किया.....।( ऋग्वेद,मंडल 10 ,सुक्त 61,मंत्र 5- 7, सायन भाष्य, अनुवाद रामगोविंद त्रिवेदी वेदांतशास्त्र,)

शतपथ ब्राह्मण 
शतपत ब्राह्मण के अनुसार 
प्रजापति जिसे दयानंद सरस्वती ने वैदिक ईश्वर माना है वो अपनी लड़की उषा पर मोहित हो गया और sex कि इच्छा हुई तो sex भी कर लिया अपनी बेटी से।देवताओं के लिए ये पाप था के वैदिक ईश्वर अपनी बेटी और हमारी बहन के साथ sex करे, इसलिए देवताओ ने रुद्र से कहा के इस पाप के लिए वैदिक ईश्वर को बाँध दो, जब रुद्र ने वैदिक ईश्वर को बींध दिया तो उस वैदिक ईश्वर का आधा वीर्य यानी sperm गिर गया(शतपत ब्राह्मण 1/7/4/1 - 3)

ऐतरेय ब्राह्मण 
ऐतरेय ब्राह्मण के अनुसार 

प्रजापति ने अपनी लड़की देख कर भार्या के रूप में सोचा वो प्रजापति अपनी पुत्री के पास गए।देवताओ ने jab देखा के प्रजापति कैसा बुरा कर्म करता है, ऐसा सोच कर देवताओ ने ऐसा पुरुष को खोजा जो प्रजापति को मार सके।तब सब देवताओ ne रुद्र को उत्पन्न किया जिसकेअंदर प्रजापति को मारने का सामर्थ था(ऐतरेय ब्राह्मण,अध्याय3,खंड 9)

बृहदारण्यकोपनिषद 
बृहदारण्यकोपनिषद के अनुसार  

स्त्री ने सोचा के कैसे मुझको अपने शरीर से उत्पन कर पुत्री रूपमुझसे संभोग करता है, ऐसा सोच कर वो छिपने के लिए गाय बन गईऔर पिता बैल बन कर संभोग किया जिससे गाय पैदा हुई।इसी तरह कन्या अलग अलग रूप में छिपती रही और पिता उसके साथ उन्ही रूप में संभोग करता रहा और अलग अलग प्राणियों को जन्म देता रहा(बृहदारण्यक उपनिषद, अध्याय 1, ब्रह्मण 4, श्लोक4)

भागवत पुराण
भागवत पुराण के अनुसार  

ब्रह्मा की कन्या सरस्वती बड़ी सुंदर थी, उसे देख कर ब्रह्मा काममोहित हो गए।उनका ऐसा अधर्म देख कर उनके पुत्र ने समझाया के आप अपनी पुत्री से संभोग करने का पाप कैसे कर सकते है(श्रीमदभगवद महापुराण, स्कन्द 3 ,अध्याय 12, श्लोक 28 - 31) 

मत्स्य पुराण
मत्स पुराण के अनुसार 

ब्रह्मा ने अपने शरीर से अपनी पुत्री को उत्पन्न किया और अपनी पुत्री की सुंदरता को देख कर बार बार देखने लगे और तारीफ करने लगे।ब्रह्मा को अपनी पुत्री की सुंदरता के सिवा कुछ नही दिखता था।वो कामदेव से मोहित हो गए थे।तब ब्रह्मा ne अपने सारे पुत्रो को प्रजाओं की रचना करने भेज दिया और अपनी पुत्री से संभोग किया और उस संभोग से उनका पुत्र मनु पैदा हुआ (मत्स्य पुराण, अध्याय 3, श्लोक32- 45) 

नोट: कुछ ग्रंथो मे ब्रह्मा को प्रजापती कहा गया है.

बलि।

वेदों में ऋग्वेद सबसे पुराना है। वेदों में बहुत ज्ञान है, ऐसा बहुत लोग बोलतें है, लेकिन ज्ञान क्या है यह कोई नहीं बताता। शूद्रों या स्त्रियों के प्रति निरादर के लेख अगर रामायण, महाभारत या पुराणों में दिखा दो तो बोलतें है कि वेद प्रमाणिक है, उसमे ऐसा नहीं है। मुझे लगता है कि जो लोग ऐसा बोलते है उन्होंने कभी वेद की किताब देखी भी नहीं होगी। मैं ऋग्वेद के मंडल 10 सूक्त 86 के मंत्र 12 से 17 वाला पन्ना लगा रहा हूं।  इसमें इन्द्र अपनी पत्नी इंदार्णी से देखो क्या बात करता है :-

" यज्ञ करने वालों को इंद्राणी प्रेरित करती है, जिससे वह  इन्द्र के लिए  15/20 बैल  पकाते है। वृषो की हवी ( यज्ञ में  अग्नि भेट करने वाली सामग्री)  को मैं खा जाऊं। इन पके हुए (15/20) बैलों को खा कर मै मोटा होता है। सोम रस से पेट भरता हूं।"

"जिस प्रकार तीखे सींगों वाला सांड गायों के बीच गरजना करता हुआ रमण करता है उसी प्रकार इंद्राणी तुम मेरे साथ रमण करो "

" जिस पुरुष का लिंग दोनों जांघों के बीच लटक जाता है वह मैथुन नहीं कर सकता।"

"जिसका लिंग फैलता है वहीं मैथुन कर सकता है"

मोदी सरकार हिंदुओं का मान सम्मान बढ़ाने के लिए वेदों का प्रचार करने हेतु vedic heritage नामक  नई सरकारी वेबसाइट बनाई है जहां से मैने यह पन्ना प्राप्त किया है। मुझे यह भी पता है कि आजकल बहुत से  प्रकाशकों, अनुवादकों ने  वेदों के मन्त्रों को बदल दिया है। इसलिए यह शायद ही लोग खुद से ढूंढ पाएं। 

इस पन्ने से साबित हुआ कि यज्ञों में बैलों, सांडों की बलि दी जाती थी, मांस खाया जाता था।

जो लोग कहते है कि वेदों में बहुत ज्ञान है, कृपया वेदों के 5/7 पन्नो का स्क्रीन शॉट पोस्ट करें जिसमें अद्भुत विज्ञान का ज्ञान हो।

महाभारत में बड़ेबोल।

श्री राम ने जब श्रीलंका पर चड़ाई किया था तब उसके पास सेना की कितनी नफरी थी ? अंदाजा लगा सकते हो ? 

भारत की आबादी 135 करोड़। 100 करोड़ का होता है  एक अरब, और 100 अरब का एक खरब।

बाली का ससुर सेना लेकर आया 10 अरब यानी 1000 करोड़, भारत की आबादी का 7.4 गुना।

गज और गंव्य एक एक अरब सेना लेे कर आए।

लंगूर जाती का गवाक्ष 6 खरब सेना लेे कर आया यानी 600 अरब  या 60000 करोड़, यानी भारत की आबादी का  444.44 गुना।

गंधमादन लेकर आया 10 खरब सेना। यानी 1000 अरब  या एक लाख करोड़। भारत की आबादी का  740.74 गुना।

जांबवान की 10 खरब  यानी वहीं 740.74 गुना भारत की आबादी का।

इसके अलावा अनगिनत सेना और भी।

हंसने की जरूरत नहीं, यह सब लिखा है महाभारत में। इस महाभारत को व्यास जो ने बोल कर गणेश जी से लिखवाया था। गलत तो हो ही नहीं सकता।

ऐसा था मेरा भारत महान। ऐसा था लेकिन अब नहीं।

पर्वत उड़ना।