Tuesday, 16 November 2021

दुर्गा और महिसासुर।

मार्कंडेय पुराण में दुर्गा और महिषासुर सर के बारे में पढ़ रहा था इस हिसाब से तो महिषासुर महोदय सभी देवताओं को हराकर स्वर्ग से भाग गए सारे देवता शंकर विष्णु ब्रह्मा के पास गए सभी देवताओं ने मिलकर अपनी चमक से एक देवी को बनाया शंकर द्वारा मुख , विष्णु द्वारा हाथ , यम द्वारा बाल , चन्द्रमा द्वारा स्तन , इंद्र द्वारा कमर , ऊपर से जांघें , पृथ्वी ( पृष्ठभूमि ) , अंगुल ब्रह्मा द्वारा , नेत्र अग्नि द्वारा , कान वायु द्वारा सभी देवताओं ने अपने तेज से पूर्ण देवी उत्पन्न की है , यही है कि दुर्गा ने किया । बाद में दुर्गा और महिषासुर के युद्ध का जिक्र है सर , दुर्गा लड़ते - लड़ते शहद पीती थी , महिषासुर सर सींगों का प्रयोग कर दुर्गा पर पहाड़ फेंक रहे थे , बाणों की टोली को छोड़कर दुर्गा ने सारे पर्वत तोड़ दिए । आगे भी जंग जारी है और महिषासुर सर शहीद हो जाते हैं ( मार्कंडेय पुराण , देवी महात्मा अध्याय 2 , 3 ) 539 संक्षिप्त मार्कण्डेयपुराण ( सचित्र , मोटा टाइप ) केवल हिन्दी इसका सार यह है कि अनार्य महिषासुर महोदय ने आर्य लोगों में सबसे बड़े देवताओं को युद्ध में हराया और देवताओं ने दुर्गा नामक आर्य स्त्री को महिषासूर महोदय के पास भेजकर धोखे से मार डाला और उसकी हत्या कर दी Translated from Marathi तीनों लोकोको व्य फर मधुकररा १४॥धा यह और मधेस आम अपने और करने निक उस समय देवी अपने उसके फेंके हुए पर्वतको पूर्ण करती हुई महा मुख मधुकेमध्ये लाल भी

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पर्वत उड़ना।