धर्म ग्रंथों में लिखा सच उजागर कर दो, धार्मिक मित्रों को मिर्ची लगने लगती है, क्यों भाई ?
धर्म लिखा हमने नहीं, अनुवाद हमने नहीं किया, फिर भी नाराजगी, किसलिए ?
हम तो आपके लिए गायब हो चुकी जानकारी एक एक पन्ना पलटकर निकालते हैं, जिससे आपका धर्म ज्ञान बढ़े,
जाने
कितनी किताबों को पढ़ते हैं कभी गीता प्रेस की, तो कभी श्रीराम शर्मा
आचार्य की, तो कभी वेदों में कूदते हैं तब कहीं जाकर आपके लिए एक पोस्ट
तैयार करते हैं फिर भी आप हमें ही दोषी मानते हो,
क्यों भाई ?
हमें तो आप धर्म ग्रंथों की कापी पेस्ट मशीन समझो, अपनी सारी नाराजगी लिखने वालों पर निकालो ![]()
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अब
देखो ग्रंथों में ब्रह्मा और सरस्वती के संबंध के बारे में कितना कुछ
लिखा है, सरस्वती ही ब्रह्मा की पुत्री है, सरस्वती ही ब्रह्मा की पत्नी
है, ॠग्वेद में भी लिखा है, मत्स्य पुराण में भी लिखा है, ब्रह्मांड पुराण
में भी लिखा है, सरस्वती पुराण में भी लिखा है,
तो भाई हम कैसे अनदेखा कर दें,
सरस्वती
ही गायत्री है, सरस्वती ही ब्राह्मणी है, सरस्वती ही शतरुपा है, सरस्वती
ही स्वायमंभू मनु की माता है सरस्वती ही स्वायंमभू मनु की पत्नी है,
धर्मग्रंथों ने इतना रायता फैला रखा है कि सब दिशाहीन हो गए हैं, जब कोई दिशा न मिले तो चले आओ धर्ममुक्त की दिशा में,
बनो धर्ममुक्त, सब संशय से मुक्त ।

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