Friday, 26 March 2021

रामसेतु

 

कहां से टपका यह रामसेतु / नल सेतु / एडम ब्रिज / आदम पुल ?
तिल को पहाड साबित करने की साजिश,,,पेट में मेल कुचैल,, रेत,, कंकर से काफी बडी-बडी पत्थरी बन जाती हैं,,, ऐसे ही समुद्र में आलतु फालतु चीजों के जुडने से कुछ पुल जैसा दिखने लगा है,, ''क्या बालू की भीत पर खड़ा है हिन्दू धर्म?'' डा. सुरेन्द्र कुमार शर्मा 'अज्ञात' का लिखा लेख ''कहां से टपका रामसेतु'' इस विषय पर पढते हैं तो पता चलता है कि यह नाम ''राम सेतु'' शब्द तक किसी ग्रंथ में कहीं नहीं मिलता,, कंकर-पत्थ्र जम-जम कर जो आज कहीं है कहीं नहीं तो कहीं 10 फुट चौडी पटटी दिखायी दे जाती है इसको हिन्दू ग्रंथों का 10 योजन अर्थात 128 किलोमीटर चौडा पुल कहा जा रहा,, लंबाई की बात करें तो श्रीलंका से हिन्दुस्तान की इस हिस्से कुल दूरी 30 किलोमीटर लम्बी है जबकि ग्रंथ में पुल की 1468 किलोमीटर लिखी है,,,
विविदित पुल की लंबाई 30 किलोमीटर ,चौडाई कहीं 10 से कहीं 30 फुट तक ,जबकि रामायण के अनुसार-
चौडाई 128 किलोमीटर
लंबाई 1288 किलोमीटर
वानरों ने पहले दिन 14 योजन, तीसरे दिन 21 योजन, चौथे दिन 22 योजन और 5वें दिल 23 योजन लंबा पुल बाधा इस तरह नल ने 100 योजन अर्थात 1288 किलोमीटर लंबा पुल तैयार किया, पुल 10 योजन अर्थात 128 किलोमीटर चौडा था,
दश्योजनविस्तीर्ण शतयोजनमायतम्
दद्टशुर्देवरांधर्वा- नलसेतुं सुदुष्करम
--वाल्मिकी रामायण 6/22/76
लम्बाई-
वाल्मिमिकी रामायण के अनुसार यह नलसेतु 100 योजन अर्थात 1288 किलोमीटर लंबा था (संस्कृत इंगलिश डिक्शनरी के अनुसार 1 योजन 8-9 मील का होता है, यहां हम ने 8 मील मान कर यह किलोमीटर में 1288 का आंकडा दिया है, यदि 9 मील का योजन मानें तो 100 योजन 1468 किलोमीटर होगा) पर अब जो पुल है वह तो केवल 30 किलोमीटर है, शेष 1258 अथवा 1438 किलोमीटर है कहां है्,
 


 

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पर्वत उड़ना।